विचार : तेजस्वी यादव और राजद को लोकसभा चुनाव में हराने में बिहार क्यों सही था

मुजफ्फरपुर में हुई मौत: बिहार ने हाल के दिनों में इंसेफेलाइटिस(चमकी बुखार ) के कारण 140 से अधिक बच्चों की मौत के साथ सबसे खराब चिकित्सा संकट देखा है, लेकिन विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव चुप और अनुपस्थित रहे हैं। उनकी पार्टी के एक नेता ने कहा था कि वह क्रिकेट विश्व कप देखने के लिए यूके में हो सकते हैं।

Silence of Tejashwi Yadav and RJD

जब चुनाव के परिणाम की घोषणा हुई तो यह उस वक्त दो बातो का निर्णय होता है, पहला यह की कौन शासन करेगा और दूसरा नए सरकार के कामो पर नजर रखने के लिए विपक्ष में कौन रहेगा। यह लोकतंत्र के स्वास्थ्य के लिए जरुरी भी है। अगर देखा जाये तो दूसरा भूमिका पहले से कही ज्यादा महत्वपूर्ण है।

ऐसा इसलिए है क्योंकि गैर-लोकतांत्रिक शासन में भी सरकारें मौजूद हैं, लेकिन यह एक जिम्मेदार विपक्ष की उपस्थिति है जो एक मजबूत लोकतंत्र को विशिष्ट बनाता है। विपक्ष खुद को कितना प्रभावी ढंग से संचालित करने में सक्षम है, कई मायनों में यह निर्धारित करता है कि नीतिगत निर्णय लेने और अप्रत्याशित(unforseen) आपात स्थितियों का जवाब देने के दौरान सरकार कितनी सतर्क, संवेदनशील और जिम्मेदार होगी।

बिहार में हाल के दिनों में सबसे खराब चिकित्सा आपात स्थिति देखी जा रही है। महामारी ने बिहार के सार्वजनिक गर्मी के बुनियादी ढांचे में भयावह दोषों को उजागर किया है – क्या यह डॉक्टरों, अस्पताल के बुनियादी ढांचे या पोषण स्तर की कमी के कारण हुआ है ?

कारण चाहे जो भी हो यही वो समय था जब लोग अपने नेताओं (सरकार और विपक्ष दोनों) की ओर अपने इस विपत्ति के घड़ी में आशा की नजरो से देख रही थी। लेकिन मुजफ्फरपुर त्रासदी के लिए तेजस्वी यादव की प्रतिक्रिया क्या रही है? दो शब्द इसका वर्णन कर सकते हैं: मौन और अनुपस्थिति। लोकतंत्र में विपक्ष की नेता की यह चुप्पी न केवल अभूतपूर्व है, बल्कि असंतुलित और अप्राप्य भी है।

क्या तेजस्वी यादव छुट्टी पर हैं? क्या वह अस्वस्थ है? क्या वह एकांत आत्मनिरीक्षण कर रहें है? वह और उनकी पार्टी मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार जैसी त्रासदियों को दूर करने में किस तरह मदद करती है? वह एक सार्वजनिक व्यक्ति हैं, जो एक सम्मानजनक राज्य बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। लोगों को उसके ठिकाने जानने का पूरा अधिकार है और वह इन अंधेरे घंटों में कहां खड़े है।

अब चुनाव का मौसम खत्म हो गया है, तेजस्वी यादव के लिए अचानक चीजें बदल गई हैं। राजनेता जिनकी फेसबुक कवर इमेज में चिल्लाता है “प्रथम प्रतिज्ञा, प्रथम प्यार, सुखी समृद्धि सर्वोत्तम बिहार।

अगर चुप्पी और पूर्ण अनुपस्तिथि इस प्रकार का नेतृत्वा तेजस्वी यादव बिहार को दे रहें है वो भी मुजफ्फरपुर जैसे भीषण त्रासदी में जहाँ लगभग 140 मासूम बच्चो की मौत हो गई, तब तो बिहार की जनता का लोकसभा चुनाव में लिया गया फैसला एकदम सही है।

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Anish Kumar Singh

Amature Photographer and Content Writer. From History to Street to landscape to Food everything.

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